साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पितृपक्ष के संयोग में,हाल के वर्षों में यह सबसे लंबी अवधि का चंद्रग्रहण

इंडियालाइवटीवी247(नई दिल्ली)।साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पितृपक्ष के संयोग में लग रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्र ग्रहण पर पितृपक्ष का संयोग करीब 122 साल बाद बना है।खगोलीय घटना के दृष्टिकोण से 7 सितंबर अत्यंत महत्व है, 7 सितंबर को वर्ष का दूसरा और आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण लगा। हाल के वर्षों में यह सबसे लंबी अवधि का चंद्रग्रहण है। इस चंद्रग्रहण ने खगोलविदों और लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाली है, क्‍योंकि यह दुर्लभ खगोलीय घटना है जिसमें सुर्ख लाल रंग के चांद का दीदार हो रहा है, इसे “ब्लड मून” कहा जाता है।

भारत के साथ ही अन्य देशो में रेड मून का दीदार

यह ग्रहण भारत में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सहित भारत के प्रमुख शहरों में देखने को मिला। बेंगलुरू के लोगों को बादल के कारण रेड मून का दीदार नहीं हो सका। विदेश में कहां दिखा ग्रहण? इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, सुदूर पूर्व, मध्य पूर्व, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दिया।चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के ठीक बीच में आ जाती है, जिससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है। नासा के अनुसार, इससे चंद्रमा धुंधला हो जाता है और कभी-कभी कुछ घंटों के लिए इसकी सतह लाल रंग की हो जाती है।

चन्द्रग्रहण के क्या हैं ज्योतिषीय महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लग रहा है, जिसमें राहु चंद्रमा के निकट युति में रहेगा और सूर्य-केतु कन्या राशि में होंगे – यह स्थिति ग्रहों का अशुभ योग बनाती है।शास्त्रों के अनुसार ऐसी स्थिति प्राकृतिक आपदाओं (भूकम्प, तूफान, बादल फटना आदि) के संकेत हो सकती है।

ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और अनुष्ठान करना चाहिए।

ग्रहण के दौरान दान करना चाहिए।

ग्रहण के दौरान शास्त्र नियमों का पालन करना चाहिए।

ग्रहण के दौरान विशेष ध्यान और प्रार्थना करनी चाहिए।

राशिगत प्रभाव क्या क्या हो सकते हैं

चंद्र ग्रहण में ये 8 राशि वाले रहें सतर्क

मिथुन- मिथुन राशि वाले थोड़ा संभलकर रहें, स्वास्थ्य और मुकदमेबाजी का ध्यान रखें. ग्रहण के बाद दूध का दान करने से लाभ मिलेगा।

कर्क- कर्क राशि वालों के लिए ये चंद्र ग्रहण काफी नकारात्मक रहेगा, स्वास्थ्य का बहुत ध्यान बनाए रखें। ग्रहण काल में शिव मंत्र का जप करें।

सिंह- आपके कारोबार और रोजगार में समस्या आ सकती है. बड़े निवेश से दूर रहें, किसी नए काम की शुरुआत न करें. ग्रहण के पश्चात चावल का दान करें।
तुला- आपके करियर में समस्या आ सकती है. प्रेम और रिश्तों के मामले में अपयश मिल सकता है।ग्रहण के बाद चावल का दान करें। वृश्चिक- पारिवारिक और आंखों की समस्या के योग हैं।चन और संपत्ति का नुकसान हो सकता है। ग्रहण के दौरान शिव मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा।

मकर- आपको आर्थिक मोर्चे पर नुकसान हो सकता है. करियर में लापरवाही से अपयश मिल सकता है।प्रयोग की जाने वाली किसी सफेद वस्तु का दान करें।

कुंभ- यह चंद्र ग्रहण आपकी राशि में ही लग रहा है।रिक्तों और प्रेम संबंधों में समस्या हो सकती है। ग्रहण के बाद चावल का दान करें।

मीन- स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति में समस्या हो सकती है. पारिवारिक जीवन का बहुत ध्यान रखें। ग्रहण के दौरान शिव मंत्र का जाप करें।

– 4 राशियों पर चंद्र ग्रहण का अनुकूल प्रभाव

मेष- आपके रुके हुए काम पूरे होंगे. वाद-विवाद और मुकदमों से छुटकारा मिलेगा।शत्रु और विरोधी शांत होंगे।

वृष-जीवन की समस्त बाधाएं दूर होंगी. करियर में लाभकारी परिवर्तन होगा. धन-संपत्ति से जुड़ी समस्याएं हल होंगी।

कन्या- रोग-बीमारियों से बचाव होगा. स्वास्थ्य में सुधार होता जाएगा, रुके हुए काम पूरे होंगे. शत्रु और विरोधी परास्त होंगे।

धनु- करियर में कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। स्थान परिवर्तन के योग बनते दिख रहे हैं।

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