आभानेरी फेस्टिवल में रंग-बिरंगी संस्कृति की छटा: चांद बावड़ी में उमड़ा जनसैलाब, देश-विदेश से पहुंचे पर्यटक

इंडियालाइवटीवी दौसा राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड स्थित ऐतिहासिक आभा नेरी गांव में शुक्रवार से दो दिवसीय आभानेरी फेस्टिवल की शुरुआत  हुई। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस भव्य उत्सव के प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था फेस्टिवल को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की । सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति सहित सभी व्यवस्थाएं पुख्ता रही। चांद बावड़ी परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को फूलों और गुलदस्तों से सजाया गया, जिससे पूरा माहौल त्योहार की रौनक में डूब गया।
लोक संस्कृति का दिखा जादू
फेस्टिवल में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है। कच्ची घोड़ी, ढोल-नगाड़े, बहरूपिया कलाकार, लोकगीत और लोकनृत्य दर्शकों का मन मोहा। राजस्थान के कोने-कोने से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से आभानेरी को एक जीवंत सांस्कृतिक मंच में बदल दिया।
एक विदेशी पर्यटक ने उत्साहित होकर कहा—आभानेरी फेस्टिवल वाकई अद्भुत है। यहां की कला, संस्कृति और लोगों की मेहमाननवाजी हमें बार-बार राजस्थान आने को प्रेरित करती है। धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन आभानेरी केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहां स्थित शीतला माता मंदिर और हनुमान मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन कर रहे हैं। धार्मिक आस्थाओं के साथ जब लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठाते हैं तो आयोजन की महत्ता और भी बढ़ जाती है।
विश्वस्तर पर प्रसिद्ध आभानेरी
आभानेरी गांव अपनी ऐतिहासिक धरोहर चांद बावड़ी के कारण पहले से ही विश्वभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। नौवीं शताब्दी में बनी यह बावड़ी स्थापत्य कला का अद्वितीय उदाहरण मानी जाती है। यही कारण है कि यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक विशेष रूप से पहुंचते हैं। अब फेस्टिवल ने इस धरोहर को और अधिक ख्याति दिलाई है।ग्रामीणों और पर्यटकों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों और पर्यटकों का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी करते हैं।
“हमारी परंपराएं, हमारे लोकनृत्य और लोकगीत नई पीढ़ी तक पहुंचें, यही इस फेस्टिवल की असली सफलता है,” ग्रामीणों ने कहा।सरकार और पर्यटन विभाग की पहल सराहनीय लोगों ने भजनलाल सरकार और पर्यटन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने इस आयोजन के जरिए राजस्थान की संस्कृति पर चार चांद लगा दिए हैं। यह महोत्सव न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा आभानेरी फेस्टिवल 26 और 27 सितंबर तक आयोजित किया गया।

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